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स्वर्ग में आठ
घंटे
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परमेश्वर
आप से कह रहा है“
मैं अपने लोगों को जो धरती पे रहते हैं यह संदेश भेज रहा हूँ क्योंकि मैं स्वर्गीय स्थानो में विराजमान हूँ”प्रक़ाशवाकय
4:1इन
बातों के बाद जो मैने दृष्टि की तो क्या देखता हूँ के स्वर्ग का एक द्वार खुला हुआ है और जिसको मैने पहलेतुरही
के से शब्द से अपने साथ बातें करते सुना था, वही कहता है “ यहाँ उपर आओ और मैं वो बातें तुझेदिखाऊंगा
, जिनका इन बातों के बाद पूरा होना है.प्रक़ाशवाकय
5:11जब
मैने देखा, तो उस सिन्हासन औरउन प्राणियो और उन प्राचीनो के चारों ओर बहुत से स्वर्गदूतों का शब्द सुना, जिन की गिनती लाखोंऔरकरोड़ो की थीकृपया
कलिस्याध्यान से सुने जो मेरे जीवन में गुज़रा है.एक सपने में प्रभु ने मुझसे बातें की. मुझे याद है उस सपने में, मैं अपने घर के बाहर आके नज़दीक की एक सड़क पे भाग रहा था. मुझे लगा केकिसीने
मेरी बाहें पकड़ी और मुझे अकाश में उठा लिया. मैं बादलों में परमेश्वर का धन्यवाद करता हुआ प्रभु की महिमा करने लगा. एक महान प्रकाश ने मुझे घेर लिया और उसमें से एक आवाज़ आई, " रिकार्डो,रिकार्डो
, अपनी नौकरी छोड़ दे क्योंकि मैं तेरे जीवन और अपनी कलिस्या से जो धरती पे है, कुछ करनाचाहता
हूँ" ये वचन सुनते ही ,मेरा सपना टूट गया और मैं बुरी तरह कपकपात्ते उठ खड़ा हुआ. उठते ही मैं रोने लगा और प्रभु से पूछने लगा "ये सब क्या है प्रभु"ये आवाज़ काफ़ी ध्र्रतासे आई. ऐसा बहुत बार चला. फिर मैं सो गया और वही सपना देखा और प्रभु ने मुझेवही संदेश दिया. ये बहुत बार चला मैं नींद से चीख कर उठ पड़ता क्योंकि प्रभु की आवाज़ तेज़ होती जा रही थी. जब मैं डर के नींद में चीखकर उठता तो मेरे घरवाले पूछते "क्या समस्या है". मैं उनको सपनो के बारे में बताता. मेरी माँ ने मेरे लिए प्राथनाकी और कहा "अगर प्रभु तुझसे बोल रहे हैंतोवो तुझे इसका मतलब भी समझाएँगे" पूरी रात हम दोनो प्राथना में लगे रहे और मेरे दूसरी सुबह काम पे जाने तक प्राथना करते रहे. मेरी माँ ने त्यार होकर काम पे जाने को कहा. हम लोगों ने प्रभु से प्राथनाकी अगर मुझसे प्रभु ही ख़ुद बोल रहे हैं तो वो कोई चिन्ह दिखाए. मैं नहाया, त्यार हुआ और नौकरी पे चला.मैं
"चिली लबोर्टरीस" में नौकरी पे था. मुझे मेरी नौकरी बहुत पसंद थी. मुझे बस अड्ढे से काम के लिए कंपनी की गाड़ी ले जाती. बस अड्ढे पे मुझसे किसी ने कहा "तुम यहाँ क्या कर रहे हो. तुम्हे इस जगह पे(
नौकरी में) नहींहोना चाहिए" बहुत से अवसरों पे अलग अलग लोगों ने मुझसे यही बात कही.विस्मय
की बात ये थी के इनमे से कोई भी विश्वासी नहीं था. ये चिन्ह प्रभु की तरफ़ से था .चिन्ह
मिलने के बाद मैने निषचय किया के मैं सेठ के पास जाकर नुक़री छोड़ देता हूँ. मैं ने अपने सेठ से कहा "मुझे नौकरी छोड़नी है क्यों की परमेश्वर ने मुझे ऐसा करने को कहा है"जब
प्रभु निर्देश देते हैं तो हमे उसका पालन आवश्य करना चाहिए. मेरा सेठ मेरे लिए चिंतित हो उठा और उसने पूछा "तुम क्या करोगे, इतनी अच्छी नौकरी तुम्हे फिर कहाँ मिलेगी". मैं उससे कहा की मुझे परमेश्वर काहुकुम
आवश्य मानना है. उन्हों ने मेरे लिए दो हज़ार लोगों का बिदाई समारोह आयोजित किया. उसके बादमैने
अपना सामान समेटा और घर चला गया. जैसे ही मैं रोते हुए घर पहुँचा मेरी माँ घर की आँगन में मेरा इंतज़ार कर रही थी. मैंने उन्हे बताया के मैने नौकरी छोड़ दी है क्यों के प्रभु ने मेरेसपनो
की साक्षी, लोगों के द्वारा दी है जिनसे आज मैं रास्ते पे मिला. माँ ने उतर दिया “ अगर प्रभु ने तुझसेकहा
है, तो जो प्रभु चाहते हैं वो तेरे जीवन में हो"फिर
मेरी माँ और मैं घर के अंदर आए और रात होने तक बातें की, फिर मैने अपनी माँ से कहा के मुझे अबसोना
चाहिए क्यों की परमेश्वर मुझसे सपने के द्वारा बातें करेंगे. जैसा मैने सोचा था की प्रभु मुझसे सपने मेंबात
करेंगे ऐसा नहींहुआ. लेकिन प्रभु कुछ और ही करना चाहते थे . जब मैं कमरे में पहुँचा, अपने कपड़े उतारे तो कमरा हिलने लगा. और मैं चिल्लाने लगा के “ये भुकंप हो रहा है चिली के शिंतागॉ शहर में” मैने कमरा से बाहर जाने का प्रयत्न किया लेकिन कोई मुझे दरवाज़े से निकलने से रोक रहा था.मैं अपने परिवार और माँ को देख रहा थाऔर मदद के लिए पुकार रहा था लेकिनमेरी आवाज़ उन तक पहुँच नहीं रही थी.अब
मुझे पता है के वो दिखाई ना देने वाला प्राणी स्वर्गदूत था. मैं पीछे हटा और पलंग पे लेट गया और रोरो के प्राथना करने लगा के परमेश्वर बताओ ये क्या हो रहा है.फिर
एक सुनाई देने वाली आवाज़ ने मुझसे कहा. पवित्र आत्मा बहुत ही सुंदर आवाज़ में मुझसे बातें करने लगी उन्होने कहा “ रिकार्डो, अब जब के तुमने अपनी नौकरी छोड़ दी है तो मैं चाहता हूँ के तुम कलिस्या (चर्च) में जा कर रोज़ सात घंटे प्राथना करो अपने जीवन और मेरी कलिस्या में जो धरती पे है उसके लिए”अब
जब प्रभु बात कर चुके तो कमरा हिलना बंद हो गया. फिर मैने अपनी माँ के पास जाकर चिल्ला केकहा
“ मैने पवित्र आत्मा की आवाज़ को सुना है” फिर मैं अपने घर से बाहर आकर ज़ोर से चिल्ला कर ये बात कहने लगा. कुछलोग
ये नहींविश्वास करते के परमेश्वर आज भी लोगो से बात करते हैंलेकिन ये सच है. वो आज भी लोगो सेबातें
करते हैं. अगर वो अब्राहम से बात कर सकतें हैंतो वो हम सब जो उस की कलिस्या है से भी बात करसकते
हैं. मैं कलिस्या में गया और पादरी से बात की ,ये मुकरर हुआ के कलिस्या रोज़ सुबह आठ बजे खुलेगी ताकि मैं प्राथना कर सकूँ परमेश्वर के हुकुम के अनुसार. रोज़ सुबह मैं कलिस्या जाता और प्राथना करता एक, दो, तीन घंटे तीसरे घंटे के बाद मुझे कोई भी विषय प्राथना कर ने के लिए नहींहोता और मैं परमेश्वर से पूछता “ प्रभु, मैं और क्या प्राथना करूँ अब चार घंटे और बचे हैं प्राथना के.”फिर
मुझे घर्घराने जैसी आवाज़ धरती के अंदर से कलिस्या के पिछले दरवाज़े से आती हुई सुनाई दी.मुझे
ऐसा लगा की कलिस्या दाएँ से बाएँ झूल रही हो एक शराबी की तरह. इस दौरान प्र&